ब्यूरो चीफ मिर्ज़ा तारिक बेग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 57 हजार 695 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है। पंचायत चुनाव की तारीख अभी तय नहीं होने के कारण पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासनिक समिति गठित करने या प्रशासक नियुक्त करने का प्रस्ताव सरकार ने कैबिनेट को भेज दिया है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस पर फैसला लिया जा सकता है।
पंचायतीराज विभाग के अनुसार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में चुनाव होने तक पंचायतों का कामकाज प्रशासकों के जरिए संचालित कराया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पंचायतों में ग्राम पंचायत सहायकों को प्रशासक बनाए जाने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव में देरी की मुख्य वजह वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन, ओबीसी आरक्षण निर्धारण और संबंधित मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन होना है। सरकार विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव कराने पर विचार कर रही है। वहीं प्रधान संगठनों ने प्रशासनिक समिति गठन की मांग की है। उनका कहना है कि बाहरी प्रशासक नियुक्त होने से गांवों में व्यावहारिक समस्याएं बढ़ सकती हैं और स्थानीय विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।