बिंद्रा बाजर/आजमगढ़। पुत्र की लंबी आयु, स्वस्थ जीवन और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर शनिवार को क्षेत्र में जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्रती महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर शाम को विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।
ब्लॉक मुहम्मदपुर के गंभीरपुर स्थित बाबा विश्वनाथ दास मंदिर, प्राचीन राम-जानकी मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, बिंद्रा बाजार स्थित राम-जानकी मंदिर समेत विषया, बसीरहा, बेलऊ, मुहम्मदपुर और आसपास के गांवों में महिलाओं की भीड़ रही। महिलाओं ने मंदिर परिसर में गोठ बनाकर जिउतिया की पूजा की और अपने पुत्रों की दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जीवित्पुत्रिका व्रत को महिलाओं के कठिन व्रतों में माना जाता है। आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाने वाला यह व्रत कई स्थानों पर जितिया, जिउतिया और जीवित्पुत्रिका के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान की आयु लंबी होती है और उनके जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।
पंडित राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जीवित्पुत्रिका व्रत संतान की दीर्घायु और मंगलकामना के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि पौराणिक कथा में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित को जीवनदान दिए जाने का प्रसंग इस व्रत से जुड़ा है। इसी कारण संतान की रक्षा और दीर्घायु की कामना से महिलाएं श्रद्धापूर्वक यह व्रत रखती हैं।